करप्शन की महारानी को उत्कृष्ट सेवा का मेडल मिलने वाला था
मामला उजागर होने के बाद हटाया गया सूची से नाम

हाल ही में राजस्थान सहित देश भर में दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार की गई राजस्थान पुलिस की आरपीएस दिव्या मित्तल का आगामी 27 जनवरी को पुलिस उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान किया जाना था। पुलिस सेवा में आने के बाद हर साल एक बड़ी प्रापर्टी खरीदने का शौक रखने वाली दिव्या मित्तल का आलम यह था कि पुलिस महकमें में इसका दबदबा वर्षो से बना हुआ था। रिश्वतखोरी का मामला उजागर होने के बाद से पुलिस उत्कृष्ट सेवा का सम्मान देने वाली सूची में इसका नाम ताबड़तोड़ हटाया जाना बताया जाता है। एक भ्रष्ट्र महिला पुलिस अधिकारी को इस तरह के सम्मान दिए जाने की तैयारी एक तरह से सिस्टम पर भी सवाल खड़ी कर रही है।
करोड़ों की रिश्वतखोरी करने जैसे आरोपो से घिरी होकर हाल ही में दो करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में दिव्या मित्तल को गत 16 जनवरी को एसीबी द्वारा हिरासत में लिया गया था। इसके बाद राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने निलंबित कर दिया है. दिव्या के खिलाफ धारा 7 और 7्र भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम 2018 और धारा 120 बी, आईपीसी के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर में एसीबी मुकदमा संख्या 13/2023 दर्ज किया गया है. फिलहाल ये पुलिस रिमार्ड पर बताई जाती है।
दिव्या मित्तल का कांड उजागर होने के पहले पुलिस मुख्यालय से जारी एक सूची के अनुसार पुलिस उत्कृष्ट सेवा के लिए इसका सम्मान किया जाना था। इस तरह के सम्मान के लिए जारी सूची में 29 पुलिस अधिकारियों का नाम था, जिसमें दिव्या मित्तल का नाम भी शामिल था। मगर जैसी ही रिश्वत कांड उजागर हुआ ताबड़तोड़ इसका नाम हटा लिया गया है।
