आवारा कुत्तों को रोटी दे या नही, याचिका पर सुनवाई 16 नवम्बर को
हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि - पहले आवारा कुत्तों को पाले फिर रोटी दे

आवारा कुत्तों के कारण मध्यप्रदेश के कई शहर ही नही देश के अन्य राज्य में परेशान है। इन कुत्तों के कारण देश में हर साल हजारों लोग जख्मी होते है तो कई की जान भी जा चुकी है। पिछले माह हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए थे कि यदि कोई व्यक्ति आवारा कुत्तों को खिलाने में रुचि रखता है, तो वह पहले कुत्ते को गोद लेगा, उसे (अपने) घर लाएगा, उसे नगर निगम के अधिकारियों के साथ पंजीकृत कराएगा या किसी कुत्ते के आश्रय गृह में रखेगा, ‘फिर सभी प्रकार से उसकी व्यक्तिगत देखभाल करते हुए इसे खाना खिला सकता है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है जिस पर सुनवाई आगामी 16 नवम्बर को तय की गई है।
देश के विभिन्न हिस्सों में खासकर राष्ट्रीय राजधानी से सटे इलाको में कुत्तों से संबंधित कई मामले सामने आए हैं। कई सोसायटी में कुत्तों के आक्रामक होने की घटनाएं लगातार सामने आई। कई जगहों पर कुत्ते ने लोगों को काटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं पार्क के साथ सार्वजनिक जगह जाने में डरने लगे थे।
हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अतीत में अधिकारियों ने आवारा कुत्तों के उपद्रव को नियंत्रित करने की दिशा में कुछ कदम उठाए थे, लेकिन वे इस समस्या को खत्म करने या कम करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

