अंकिता हत्याकांड: ग्राहकों को खुश करने से इंकार किया तो परिवार का सहारा छिन लिया हत्यारों ने
पिता किसान और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है, उत्तराखण्ड में बवाल जारी

नहर में डूबा कर मारी गई अंकिता भंडारी के विरोध में उत्तराखण्ड इन दिनों झुलस रहा है, हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रही जनता ने आज भाजपा नेता के बेटे के रिजार्ट में आग लगा दी, वही महिलाओं ने आरोपितों के साथ मारपीट करते हुए उनके कपड़े तक फाड़ दिए है। अंकिता ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स करते हुए रिजाँर्ट में नौकरी इसलिए की थी कि वो अपनी पारिवारिक परिस्थियों में बदलाव ला सके। अंकिता के पिता किसानी व पशु पालन का काम करते है, वही मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है।
जानकारों की माने तो अंकिता पढ़ाई में लगनशील, मेहनती व अनुशासित छात्रा थी। इंटरमीडिएट की परीक्षा उसने 88 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण कर देहरादून से एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था।
मामले में अब तक मिली जानकारी को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल ने बताया कि गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली श्रीकोट, पौड़ी निवासी अंकिता भंडारी (19) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी 18 सितंबर से लापता थी। 19 सितंबर को रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस में अंकिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। डीएम पौड़ी ने बीती 22 सितंबर को मामला लक्ष्मणझूला पुलिस को ट्रांसफर किया। सुयाल ने बताया कि आरोपी अंकिता पर रिजार्ट में रुकने वालों से संबंध बनाने का दबाव डालते थे। अंकिता के इनकार पर विवाद हुआ। 18 सितंबर की रात आरोपियों ने शराब पीने के बाद अंकिता को मार डाला।
इधर पुलकित आर्य, रिजॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को लडक़ी की हत्या करने और शव चीला नहर में फेंकने का अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने बताया था कि शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। 
