खादी पहन कर 9 साल बाद भी 80 हजार का भुगतान नही कर पाया जिला प्रशासन

रतलाम
कलेक्टर कार्यालय के नजूल विभाग के आदेश पर विगत नौ साल पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए लगभग 90 हजार की वर्दी प्रदाय कर चुके रतलाम के खादी भण्डार का भुगतान आज तक नही हो पाया है। खादी भण्डार के व्यवस्थापक ने इसके लिए जगह-जगह गुहार लगाई मगर उन्हे भुगतान नही हो पाया है। व्यवस्थापक ने आज फिर जनसुनवाई में जिला प्रशासन के आगे भुगतान के लिए आवेदन दिया है। मगर आज भी उन्हे संतोषजनक आश्वासन नही मिला है।
शहर के पैलेस रोड़ क्षेत्र में स्थित शुद्व खादी भण्डार व्यवस्थापक को कलेक्ट्रेट की नजूल शाखा के माध्यम से 17 कर्मचारियों के लिए दो दो जोड़ी कोट-पेंट के लिए कपड़े का आर्डर दिया गया था। नजूल शाखा के निर्देश पर खादी भण्डार ने वर्ष 2017 में कपड़े वितरित करते हुए इनके भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत कर दिए थे।
व्यवस्थापक के अनुसार उक्त वर्दी के भुगतान के लिए 25 सितम्बर 2017 को 41 हजार 080 रुपए और 25 सितम्बर 2017 को 87 हजार 830 रुपए का बिल भुगतान किए थे। मगर नजूल शाखा ने ना तो बिलों का भुगतान किया और ना ही इस संबध में खादी भण्डार को किसी पत्र का उत्तर दिया था। बार-बार बिलों के भुगतान के लिए तकादा करने पर विगत 31 दिसम्बर 2021 को तहसीलदार (नजूल) ने कलेक्टर को पत्र लिख कर नाजीर शाखा या ब्रिस्क शाखा से खादी भण्डार को भुगतान करने के लिए पत्र भेजा था, मगर भुगतान कराने के मामले में पूर्व कलेक्टर ने कोई रुचि नही दिखाई।
इसके बाद खादी भण्डार व्यवस्थापक ने आयुक्त भू अभिलेख, मोतीमहल ग्वालियर को भी भुगतान के लिए पत्र भेजा था, मगर वहां से भी भुगतान संबधी ना तो कोई कार्रवाई की गई और ना ही इस पत्र का जवाब दिया गया। आज भी इन्हे जनसुनवाई में आवेदन देने के दौरान जिम्मेदारों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नही मिल पाया है।
