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युवक का सिर काट कर अपने कपड़े पहनाए और विवाहित प्रेमिका के साथ फरार हुआ प्रेमी

हत्यारे की बहन ने खोला राज तो पुलिस भी रह गई हैरान

अपने ही गांव की एक शादीशुदा महिला से अवैध संबध कायम करने और इस संबध को पूरी उम्र निभाने की गरज से एक आशिक ने खुद को मरा हुआ साबित कर महिला के साथ फरार होने की योजना बनाई। इसके लिए उसने एक निर्दोष की पहले हत्या की और फिर मृतक की पहचान छिपाने के लिए इसके सिर को धड़ से अलग कर कही गाड़ दिया, शरीर के बाकि हिस्सों को भी छिन्न-भिन्न कर यह महिला के साथ फरार हो गया। प्रेमी के परिजन व गांव वालों ने इसे मरा समझ कर इसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। उधर महिला को जब प्रेमी ने हत्या वाली बात बताई तो वह डर गई और अपने घर लौट गई। उधर प्रेमी अपनी एक चचेरी बहन के घर पहुचा तो मरे हुए भाई को देख यह बहन बेेहोश हो गई और होश में आने के बाद इसने पुलिस को सूचना दी, जिस पर प्रेमी को हिरासत में लिया गया है।
मामला महाराष्ट्र के पुणे जिले के खेड तहसील के चरहोली खुर्द गांव का है। जानकारी के अनुसार 17 दिसंबर को रविंद्र घेनांद (उम्र 48) की लाश खेत में मिली थी, जिसे कर्बा थोरवे उर्फ सुभाष (उम्र 58) ने सिर्फ इसलिए मारा था क्योंकि वह खुद को मरा हुआ दिखाना चाह रहा था.
जब शव मिला तो उसके कपड़ों के आधार पर यह मान लिया गया कि मरने वाला कर्बा थोरवे है. वो गलती से रोटावेटर के नीचे आ गया होगा और उसकी मौत हो गई होगी. सर गायब होने की बात को इस तरह से समझा गया कि जंगली जानवर रात में सर ले गए होंगे. इंद्रायनी नदी के किनारे 22 दिसंबर को घेनांद के शव को कर्बा थोरवे का शव समझ कर थोरवे परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया.
इधर पुलिस की जांच मे यह अंदाज लग गया कि जो शव मिला है, उसमें हत्या का ऐंगल है. फिर पुलिस ने 26 दिसंबर को जांच के बाद यह खुलासा किया कि 16 दिसंबर को थोर्वे और घेनांद चरहोली खुर्द गांव के पास ही धनोरे गांव में में थोर्वे के ट्रैक्टर से क्रिकेट मैच देखने गए थे. रास्ते में थोर्वे ने घेनांद को शराब लाने के पैसे दिए. घेनांद ने ट्रैक्टर से उतर कर तीन क्वार्टर बोतलें खरीदीं. इसके बाद दोनों उसी रात 9 बजे उसी खेत में लौटे जो घेनांद की जमीन थी, जिस पर उसने थोर्वे को काम सौंपा था. यहीं थोर्वे ने ढेर सारी शराब पिलाकर हंसिया से घेनांद का सर धड़ से अलग कर दिया. हंसिया उसने पास के एक कुएं में फेंक दिया.
हत्या के बाद थोर्वे सीधे उस महिला के घर पहुंचा जिससे उसका अवैध संबंध था. वह उस महिला को लेकर जेजुरी गया. जेजुरी में थोर्वे ने संबंधित महिला को यह बताया कि वह क्या कर के आया है. महिला डर गई और जिद करने लगी कि वह उसे उसके घर ले जाकर छोड़ दे. पुलिस द्वारा दी गई जानकारियों के मुताबिक 23 दिसंबर को थोर्वे उस महिला को उसके घर छोड़ आया और खुद अपनी एक चचेरी बहन के घर शेल पिंपलगांव चला गया. जिसे वो मरा हुआ जान रही थी, उस भाई को जिंदा देखकर रिश्ते में बहन वो महिला बेहोश हो गई. इसके बाद 24 दिसंबर को उसी बहन ने थोर्वे के गांववालों और पुलिस को इसकी सूचना दी. इसी सूचना के आधार पर 26 दिसंबर को पुलिस ने थोर्वे को पकड़ लिया और पूछताछ में यह सारा मामला सामने आया.

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