बुजुर्गो के लिए भी सुरक्षित नही है मध्यप्रदेश . .
वर्ष 2021 में 60 साल से अधिक आयु की 78 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई

रतलाम। महिलाओं, बच्चियों के लिए असुरक्षित साबित हो चुके मध्यप्रदेश में सीनियर सिटीजन भी सुरक्षित नही है। बुजुर्गो के स्वास्थ्य सुरक्षा और रक्षा के लिए तमाम कानून, एनजीओं और सरकारी योजनाएं फेल होती नजर आ रही है। नेशनल क्राईम रिकाँर्ड ब्यूरों द्वारा हाल ही में जारी कई कैटेगरी में बताया गया है कि वर्ष 2021 में 5 हजार से ज्यादा ऐसे अपराध घटित हुए है, जिसमें पीडि़त सीनियर सिटीजन है। यानि हर दिन 12 से अधिक बुजुर्ग अपराध का शिकार हुए है। सीनियर सीटिजन की प्रताडऩा के मामले में महाराष्ट अव्वल तो दूसरे नम्बर पर मध्यप्रदेश का नाम उजागर किया गया है। बुजुर्गो की हत्या के मामले में एक नम्बर पर तमिलनाडू, दूसरे पर महाराष्ट और तीसरे नम्बर पर मध्यप्रदेश अव्वल बताया गया है।
बुजुर्गो से लूट के मामले में महाराष्ट्र, तमिलनाडू, कर्नाटक के बाद मध्यप्रदेश का नाम आया है। वर्ष 2021 में 835 लूट की वारदातों में पीडि़त बुजुर्ग ही शामिल होना बताए गए है।
जानकारों की माने तो एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 60 साल से अधिक आयु वाले महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में मध्यप्रदेश अव्वल दर्जा हासिल कर रहा है। देश में वर्ष 2021 में 78 दुष्कर्म हुए जिनमें पीडि़त महिला की आयु 60 साल से अधिक रही है। इनमें 15 वारदाते एमपी की है जो अन्य राज्यों से कही ज्यादा बताई गई है। इसी तरह हत्या और गैरइरादतन हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में भी प्रदेश की स्थिति खराब बताई गई है।
