नेहरु स्टेडियम और चौपाटी अवैध गुमटियों से मुक्त होगी

रतलाम
शहर भर में अवैध गुमटियां कुकुरमुत्तों और अमरबैल की तरह फैल चुकी है। गुमटियों के इस मकडज़ाल को फैलाने और संरक्षण देने में कभी नगर निगम परिषद के पार्षदों का नाम आता है तो कभी राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर रिश्वतखौरी के आरोप लगते आए है। पिछले कुछ सालों से गुमटी माफियाओं ने शहर की सडक़ों के किनारे पर बने फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों को अपना निशाना बनाते हुए वहां बड़ी बड़ी गुमटियों को रख कर व्यापार शुरु किया है।
इधर दो बत्ती से लेकर नेहरु स्टेडियम तक जमी गुमटियों को हटाने की योजना नगर निगम ने बनाते हुए अवैध गुमटीधारियों को दो दिन का समय दिया है। अगर इस तय सीमा में यह नही हटते है तो निगम का राजस्व अमला इन ठेले गुमटियों को अपने तरीके से हटाएगा।
दो बत्ती से लेकर नेहरु स्टेडियम और आम्बेडकर मैदान के आसपास जमी गुमटियों पर खानपान सामग्री बेची जाती है। उधर नगर निगम ने तीन करोड़ की लागत से इसी के पीछे लोकेन्द्र भवन रोड़ पर एम-43 फूड प्लाजा का निर्माण किया है जिसकी 43 दुकानों को जल्द ही नीलाम किया जाएगा। निगम सूत्रों का मानना है कि किफायती दरों में मिलने वाली इन दुकानों का जल्द से जल्द निराकरण हो ताकि आसपास के क्षेत्र में आई अवैध ठेले गुमटियों की बाढ़ को कम किया जा सके।
अगर ये अवैध ठेले गुमटी वाले आसपास के क्षेत्रों में काबिज रहे तो एम-43 की दुकानों के व्यापार को प्रभावित कर सकते है। इधर नेहरु स्टेडियम से लेकर आम्बेडकर ग्राउण्ड तक पचास से ज्यादा दुकानदार अवैध रुप से अपनी छोटी बड़ी गुमटियों का टिकाए बैठे है। इनका कहना रहता है कि हम नगर निगम के राजस्व विभाग के कर्मचारियों को हर माह 10 से 15 हजार रुपए रिश्वत के रुप में दे रहे है। ऐसे में देखना ये होगा कि दुकानदार सही है या राजस्व विभाग इन अवैध गुमटीधारियों को खदेडऩे की हिम्मत दिखाएगा।
