साईकिलिंग में स्वर्ण पदक लाने वाली बेटी ने रतलाम कलेक्टर से मांगी मदद

रतलाम। साईकिल रेस के माध्यम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर कई मर्तबा सोने और चांदी के मेडल हासिल कर चुकी रतलाम जिले की बेटी ने अपनी इस प्रतिभा को और ज्यादा उड़ान देकर रतलाम जिले का नाम प्रदेश, देश और विदेशों में रोशन करने के लिए रतलाम कलेक्टर से मदद मांगी है।
ग्राम अंबोदिया पोस्ट भाटी बड़ोदिया की रहने वाली हेमलता धाकड़ किसान परिवार से जुड़ी है, इनके पिता खेती किसानी में श्रमिक है, ऐसे में ये साईकिलिंग की रफ्तार को जारी रखने में आर्थिक रुप से कमजोर पा रही है। ऐसे में आज कलेक्टर श्रीमती मीशासिंह के नाम पत्र लिख कर हेमलता ने अवगत कराया है कि साईकिलिंग का खेल काफी मंहगा है। उच्च खान-पान के साथ ही गुणवत्ता वाले उपकरण व कार्बन पहिये आदि मंहगे आते है। रोड़ साईकिल और साइकिल उपकरण के दाम काफी अधिक होते है। जिन्हे खरीदने के लिए 10 से 15 लाख रुपए की राशि खर्च होती है, जिसे मै और मेरा परिवार वहन करने में असमर्थ है। ऐसे में मेरी आर्थिक रुप से मदद की जाए, ताकि मै साईकिलिंग जारी रख पाऊ।
हेमलता धाकड़ ने हाल ही में आँल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में महिला टीम ट्रायल स्पर्धा ( 15 से 18 अप्रेल 2026) में सिल्वर मेडल जीता है। यह स्पर्धा महाराष्ट्र की एमजीएम यूनिर्वसिटी आयोजित हुई थी।
इसी तरह गत वर्ष इसी स्पर्धा में गोल्ड मेडल भी हासिल किया था। हेमलता राजस्थान के बीकानेर, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। विगत तीन सालों से हेमलता धाकड़ राष्ट्रीय स्पर्धाओं में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही है। हेमलता के आवेदन को जिला खेल अधिकारी को भेजा गया है।

