पति,पत्नी और वो….. के बाद हो गई सेवानिवृत शिक्षिका की हत्या

रतलाम
नरेश बसोड़ और सागर उर्फ बंटी उर्फ मुन्ना टे्रनों में छुटकर सामान बेचते थे, इसी बीच सागर चोरी सहित अन्य वारदातों को भी अंजाम देने लगा। टे्रन में छुटकर व्यापार करते-करते नरेश और सागर की दोस्ती गहरी होने लगी और सागर नरेश के घर आने जाने लगा। इसी दोस्ती के बीच सागर की आँख नरेश का पत्नी मोना से लड़ गई। ये दोस्ती इतनी प्रगाड़ हो गई कि मोना अपने बच्चे के साथ नरेश का घर छोड़ कर अपनी माँ की घर आ बैठी। इधर नरेश से अलग होने के बाद सागर का रास्ता साफ हो गया और वो मोना से खुल कर मेल-मुलाकात करने लगा। इसी बीच मोना और इसकी माँ लीला की मदद से सागर ने रतलाम शहर के मीराकुटी में रहने वाली 70 साल की सेवानिवृत शिक्षिका सरला धनेतवाल का घर देख कर गहरी साजिश रची और मौका देख कर इन्हे मौत के घाट उतार दिया।
शहर के मीराकुटी क्षेत्र में रहने वाली सेवानिवृत 70 वर्षीय शिक्षिका की हत्या का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे मे करते हुए हत्या में शामिल शिक्षिका के घर काम करने वाली नौकरानी, इसकी बेटी और इसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। हत्यारा शातिर बदमाश है, इसने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए इसका शार्ट इंकाउन्टर किया है।
रतलाम एसपी अमित कुमार के अनुसार बीति 24 नवम्बर को को थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम पर फरियादी विनीत पिता ओमप्रकाश जायसवाल द्वारा सूचना दी गई कि मीराकुटी लक्ष्मणपुरा निवासी फरियादी की बुआ सरला धनेतवाल उम्र 70 वर्षीय की उसके घर में ही बाथरूम के गला रेत कर हत्या कर घर से मोबाइल, सोने चांदी के आभूषण एवं नकदी लूट कर कोई अज्ञात बदमाश फरार हो गया है। सूचना पर प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्रित किया। घटना स्थल से मृतिका का मोबाइल, सोने चांदी के जेवर सहित समान भी गायब होने की पुष्टी हुई।
मृतिका के कोई संतान नही थी
मृतक महिला शिक्षिक के पद से रिटायर्ड हुई है। मृतिका के पति की पूर्व में ही मृत्यु हो जाने तथा कोई संतान नहीं होने से महिला घर अकेली ही रहती थी । मृतिका के घर में एक नौकरानी लीला डामर काम करने आती थी। महिला के भाई, बहन सहित अन्य परिजनों के बयान एवं घटना स्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी कैमरे के आधार पर जांच प्रारंभ की गई। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से चेकिंग करने पर दिखे संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इस दौरान सीसीटीवी के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान सागर पिता महेश मीणा उम्र 38 वर्ष निवासी बिरलाग्राम उज्जैन हाल मुकाम ग्राम खवासा थाना थांदला जिला झाबुआ के रूप में हुई।
संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक नेअलग अलग टीम बनाकर संदिग्ध की गिरफ्तारी हेतु रवाना की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की तलाश करते मुखबिर द्वारा आरोपी के रावटी थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीसिंग रोड मलवासी के जंगल में छुपे होने की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी सागर से पूछताछ करने पर उसने महिला की हत्या कर लूट की घटना कारित करना स्वीकार किया। आरोपी के पास से मृतिका के घर से लूटे गए गहने और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस पर हमला कर भागने का किया प्रयास
आरोपी को गिरफ्तार कर हथकड़ी लगाने के दौरान शातिर आरोपी सागर द्वारा उनि अनुराग यादव से पिस्टल छुड़ाकर पुलिस टीम पर फायर कर भागने लगा। पुलिस टीम से निरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी द्वारा पुलिस टीम की सुरक्षा के दृष्टिगत आरोपी सागर के पैर में गोली मारी जिससे आरोपी सागर नीचे गिरा जिसे पुलिस टीम द्वारा काबू में लेकर पिस्टल छुड़ाई गई। इस दौरान झूमझटकी में उनि अनुराग यादव घायल हुए। घायल उप निरीक्षक अनुराग यादव एवं शातिर आरोपी सागर मीणा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। आरोपी सागर मीणा के विरुद्द थाना रावटी पर अपराध क्रमांक 597/25 धारा 109(1), 115(2), 309(4) का पंजीबद्ध किया गया।
पहले पति से परिचय फिर पत्नी पर डोरे डाले
आरोपी सागर पिता महेश मीणा मूलत: उज्जैन जिले के बिरलागा्रम का निवासी है। यह ट्रेनों में छोटे मोटे सामान बेचता था और मौका आने पर चोरी की वारदातों को भी अंजाम देता था। टे्रन में इसकी मुलाकात नरेश नामक युवक से हुई ये भी टे्रन में सामग्री बेचने का काम करता था। इसके चलते सागर का नरेश के घर आना जाना होता रहा। इस मुलाकात के दौरान सागर की नजर नरेश की पत्नी मोना पर पड़ी और दोनो के आपसी संबध बनने लगे। कुछ समय बाद मोना अपनी बच्ची के साथ नरेश से अलग होकर अपनी मां के यहां आ गई। इधर सागर ने नरेश का पत्ता साफ होते देख मोना से संबध बनाए रखे और पिछले 03 वर्षों से ग्राम खवासा जिला झाबुआ में किराए के मकान में रहने लगा।
इधर मृतिका के घर काम करने वाली लीला एवं मोना द्वारा आरोपी को मृतिका के बारे में जानकारी दी गई थी। आरोपी शातिर अपराधी है जिस पर पूर्व में भी चोरी के अपराध पंजीबद्ध है। आरोपी 3-4 दिन से घटना को अंजाम देने की फिराक में था। बीति 23-24 नवंबर की दरमियान रात्रि में आरोपी महिला के घर में चोरी के इरादे से ऊपर छत के रस्ते से घुसा। महिला द्वारा रात्रि में जब बाथरूम गई थी उसी दौरान महिला पर चाकू से हमला कर गला रेत कर हत्या कर दी। जिसके बाद मोबाइल, ज्वेलरी एवं नगद रुपए बटोरकर फरार हो गया।
स्टेशन से मिला था सुराग
शिक्षिका की जघन्य हत्या के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपियों की पता लगाने के तमाम प्रयास शुरु कर दिए। इस दौरान रेलवे स्टेशन के अलग अलग सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी कड़ी में रतलाम से जुड़े गुजरात सहित तमाम स्टेशनों के फुटेज खंगाले गए। इस दौरान भेरुगढ़ के निकट संदिग्ध मिला और फिर धरपकड़ शुरु की गई।
कभी सागर, कभी मुन्ना और कभी बंटी
वर्तमान में आरोपी का कोई निश्चित ठिकाना नही था । इसके परिवार में भी कोई नही होने से इसका कोई निश्चित ठिकाना नही है। लोगों का कहना है कि यह कभी सागर,बंटी और मुन्ना आदि के नाम से इधर उधर घुमता रहता है। इसकी कोई युनिक आईडी नही थी। ऐसे में पुलिस को पतारसी करने में काफी कठिनाईयों का सामना करते हुए अंतत: मुखबीर से सूचना प्राप्त होने पर आरोपी की पतारसी कर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी-
1. सागर उफऱ् बंटी पिता महेश मीणा निवासी बिरलाग्राम उज्जैन हा मु ग्राम खवासा बामनिया जिला झाबुआ
2. लीलाबाई पति शांतिलाल डामर उम्र 49 वर्ष निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी रतलाम
3. मोना पति नरेश बसोड उम्र 30 वर्ष निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी रतलाम
इनकी रही विशेष भूमिका
अति. पुलिस अधीक्षक श्री राकेश खाखा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री सत्येंद्र घनघोरिया, निरी सत्येंद्र रघुवंशी, निरी अय्यूब खान, निरी पतिराम डावरे, उनि वीडी जोशी, उनि अनुराग यादव, उनि पंकज राजपुत, आर रवि चंदेल, आर.अभिषेक पाठक, आर मनिष खराडी, प्रआर राहुल जाट, प्रआर योगेन्द्र सिंह जादौन, आर विपुल भावसार (सायबर सेल), आर पवन मेहता, आर संजय सोनी, आर शुभमसिंह चौहान, की विशेष भुमिका रही ।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
निरी सुरेन्द्र गडरिया, निरी प्रकाश गडरिया, निरी विक्रम सिंह चौहान, निरी अमित कोरी, निरी जितेन्द्र सिंह जादौन, निरी गायत्री सोनी, उनि ध्यान सिंह सोलंकी, उनि देवीलाल पाटीदार, उनि कुलदीप देथलिया, उनि जीवन बारिया, सउनि विनोद कटारा, सउनि शिव नामदेव, प्र आर मनमोहन शर्मा, (सायबर सेल रतलाम), प्र आर लक्ष्मीनारायण सुर्यवंशी, प्र आर हिम्मतसिंह, प्र आर बलराम पाटीदार, प्र आर जितेन्द्र जायसवाल, , प्र आर हिमांशु(बॉबी) यादव, प्र आर विजय पंजाबी, प्र आर शैलेन्द्रसिंह सोलंकी, प्र आर नरेंद्र चावड़ा, आर आशिष धानक, आर दीपराज, आर देवेन्द्र कायस्थ, आर प्रशांत चावला, आर कपील लोहार, आर अर्जुन खिची, आर मयंक व्यास, आर तुषार सिसोदिया, आर मोरसिंह, आर अविनाश मिश्रा, की सराहनीय भुमिका रही ।
