रतलाम के विकास के नाम पर चलती रही हवाबाजी और शिकवे शिकायते

रतलाम
जिला प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में बुधवार को आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक भी पिछली बैठकों की तरह हवा हवाई घोषणाओं और योजनाओं के साथ शिकवे शिकायतों के नाम रही। इस मौके पर पेयजल संकट, मेडिकल कालेज की बदहाली, बिगड़ैल चिकित्सा व्यवस्था, खाद-बीच आदि पर चर्चाए होती रही।
पिछली बैठकों की तरह बुधवार को आयोजित बैठक में भी एयरपोर्ट बनाने , साड़ी क्लस्टर बड़ा बनाने आदि के सपने दिखाए थे इस बार बताया गया कि आदिवासी महिलाओं के समूह के लिए नमकीन की फैक्ट्री लगाई जाएगी, जिसे सरकार विदेशो में बेचेगी।
बैठक में सैलाना रोड़ स्थित शासकीय मेडिकल कालेज और इससे जुड़े अस्पताल में भारी अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी यहां गर्माया था। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मेडिकल कालेज की लिफ्ट खराब है। पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम नही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है, वाशरुम की बदहाली से हर कोई वाकिफ है। मेडिकल कालेज में सिटी स्केन शुरू नही होने पर भी सदस्यों ने नाराजी व्यक्त की है।
ग्रामीण विधायक श्री डामर ने कहा कि उनके ही गांव में साल भर से स्वास्थ्य केन्द्र का भवन बनकर तैयार है मगर चिकित्सक और स्टाँफ की कमी के कारण बंद पड़ा हुआ है। इस नए भवन की छत से पानी अभी से टपक रहा है तो आगे क्या होगा। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीएमएचओं को निर्देश दिए है कि वो कल ही मौके पर जाकर स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन शुरु करवाए। तो महापौर प्रहलाद पटेल ने कहां कि हमने शहर में सब्जी मंडी के स्थान तय किये लेकिन पुलिस प्रशासन समन्वय नही कर पा रहा।
ग्रामीण विधायक ने बैठक के दौरान कृषि विभाग के अफसर को भी जमकर फटकार लगाते हुए कहां कि इनके क्षेत्र में किसी फर्म ने सोयाबीन के नकली बीच बेचे है। सोयाबीन की फसल में पौधे तो है मगर फलिया नही आ रही है। कृषि विभाग ने ऐसी रिपोर्ट तैयार की है जिसे लेकर वकील भी केस लडऩे को तैयार नही है।
यहां ग्राम पंचायत जमुनिया के सचिव की शिकायतों पर इसके तबादले की भी बात उठी तो प्रभारी मंत्री और कलेक्टर बोले कि अभी स्थानातंरण पर बेन है। बाद में प्रभारी मंत्री ने कहां कि सचिव की ज्यादा शिकायते है तो उसे सस्पेंड कर दो।
जावरा विधायक डाँ.राजेन्द्र पाण्डेय ने बैठक के शुरु होते ही खाद का मुद्दा उठाया तो कलेक्टर व्यवस्था की तारिफ कर रहे थे। तभी डाँ.पाण्डेय ने पूछ लिया कि पिछले साल कितना आया था, जिस पर विभागीय अधिकारी पर्याप्त जवाब नही दे पाए, ऐसे में कलेक्टर ने बात संभाली और बोले कि इस बार किसी भी तरह की कमी नही आएगी, पर्याप्त स्टाक है।
बहरहाल, बैठक में जनप्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण नही होने पर भरे पड़े बैठे थे और आज मौका मिलते ही उन्होने भड़ास भी निकाल ली है। अल्प वर्षा के चलते जिले को सूखा ग्रस्त करवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा ही जा रहा है। इसी तरह जिले भर की समस्याओं को हल करने के निर्देश प्रभारी मंत्री जिला प्रशासन और संबधित अधिकारियों को दे गए है। अब इन आदेशों का पालन होता है या नही या फिर अगली बैठक में वही होगा जो आज हुआ है, ये आने वाला समय बताएगा।
