कलेक्टर साहब.., रतलाम में रिश्वतखोरी बहुत बढ़ गई है

महोदय हमारे रतलाम में रिश्वतखोरी बहुत बढ़ गई है,यहां बिना रिश्वत के कोई काम करने को तैयार ही नहीं हे, मेरी पुत्री सौम्या पंवार पिछले दो साल से गाड़ी चला रही हे और अच्छी गाड़ी चलाती हे उसको ड्राइविंग टेस्ट में जानबूझकर फेल किया गया क्योकि हमने आरटीओं कार्यालय के प्रमुख और वहां के बाबू को रिश्वत नहीं दी थी। यहां जो टेस्ट नही देते है वो रुपए देकर लायसेंस बनवा लेते है और जो रुपए नही खिलाते है, वे सभी फेल हो जाते है। हम आपसे निवेदन करते है कि इन दोनो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर जिला प्रशासन तक पहुचे इस आवेदन को अफसर ने निराकरण के लिए उसी विभाग के अधिकारी को भेजा है, जिसे आवेदक ने आरोपी बनाया है।
जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुचा यह शिकायती पत्र आज काफी चर्चा में रहा है। आवेदक संजय सिंह पंवार शहर की सिद्धि विनायक कॉलोनी के रहवासी है। इन्होने सुनवाई कर रहे अफसरों को बताया कि मेरी बहन जिसको यह भी नहीं पता हे की गियर किसको बोलते हे और उसने
कोई टेस्ट भी नहीं दिया उसका लाइसेंस बन कर आ गया। वही मेरी पुत्री जो लगातार दो सालों से वाहन चलाती आ रही है, उसे फेल कर लायसेंस नही दिया गया।
पंवार के अनुसार 23 अगस्त 2023 को मेरी पुत्री को टेस्ट में फैल किया अधिकारी समय पर नहीं मिलते घंटो इंतजार करना पड़ता हे उनका व्यवहांर अभद्रतापूर्ण था हमें काफी परेशानी हो रही है चोराहे पर पुलिस वाले खड़े रहते हे तो मजबूरन उनसे बच कर निकलना पड़ता है।
आवेदक ने आरटीओं कार्यालय के दीपक माझी और बाबू विजयकुमार राने को निलंबित करने की मांग जिला प्रशासन से करते हुए गुहार लगाई है कि यह दोनो रिश्वतखौरों को विभाग से हटाया जाचाहे मेरी लडक़ी का लाइसेंस बने या न बने ऐसे रिश्वतखौर हमारे रतलाम पर एक दाग है।
जिनकी शिकायत उसी को निराकरण के लिए लिखा
इधर जनसुनवाई में आए इसी आवेदन के निराकरण के लिए सुनवाई कर रहे अफसर ने आरटीओं कार्यालय ही भिजवा दिया, अब ऐसे में जिन पर आरोप लगे है, वो इस आवेदन का कैसे निराकरण करेगे, यही विचारणीय है।
