युवती को आँटो रिक्शा से अगवा करने का प्रयास , कूद कर बचाई जान

रतलाम
शहर के डोगरे नगर में रहने वाली युवती को एक आँटो रिक्शा चालक ने अगवा करने का प्रयास किया है। युवती ने चलते आँटो से कूद कर अपनी जान बचाई, आँटो से कूदने के बाद यह बेहोश हो गई, जिसे राहगीरों ने निजी अस्पताल पहुचा कर इसका इलाज कराया है।
शहर के डोगरे नगर की निवासी होकर अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज विदिशा में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाली युवती रक्षा बंधन पर्व पर अपने घर रतलाम आई थी।
युवती के अनुसार 27 अगस्त को वह राम मंदिर के पास गुजराती स्वीट्स की दुकान पर मिठाई लेने गयी थी। मिठाई लेकर वापस घर डोंगरे नगर जाने के लिये रोड के उस साईड एक आटो रिक्शा क्रमांक एमपी-43 झेडएच-1858 खड़ा हुआ था। मैने पास जाकर आटो वाले को बोला कि डोंगरे नगर जाने का क्या किराया लोंगे तो उसने बोला 60/- रुपये लगेंगे, मैने बोला 50/- रुपये दुंगी, जिस पर वह मुझे घर डोंगरे नगर छोडने के लिये तैयार हो गया, मुझे आटो मे बिठाकर कलाली के पास वाले सिंगल रोड से लेकर जाने लगा, आटो वाला मुझे बार-बार घूर-घूर कर देख रहा था, फिर जैन मंदिर के आगे से घर की ओर जाना वाले रास्ते पर न ले जाते हुए मुझे शाम करीबन 07. 40 बजे 80 फिट रोड की ओर जाने लगा, तो मुझे शंका हुई तो मैने आटो वाले को 4- 5 बार बोला कि भय्या इधर कहां लेकर जा रहे हो डोंगरे नगर का रास्ता पीछे रह गया है, वह आगे की ओर ले जाना लगा, तो मुझे शंका होने पर मै आटो का गेट खोलने लगी इतने मे आटो वाला आटो वाला तेजी से चलाकर आगे ले जाने लगा, तो मैं एकदम घबराकर आटो से कुद गयी, जिससे मेरे दाहिनी आँख के उपर, दाहिनी आँख के नीचे, दाहिने होठ पर, दाढी पर, दाहिने नाक पर, दोनो हाथ के पंजो पर, दाहिने पैर पर व सीने पर अंदरुनी चोट लगी है।
मुझे एक आंटी व एक राहगीर पुरुष गीतादेवी अस्पताल लेकर जाने लगे जाते समय मै रास्ते मे बेहोश हो गयी थी। युवती ने इलाज के बाद अपने भाई बहनों के साथ थाने पहुच कर शिकायत दर्ज कराई है।
