ठाकुर के ढाबे पर वाहन खड़ा कर के देह व्यापार के डेरों में जाने की सुविधा

रतलाम
जिले के जावरा विकासखण्ड से जुड़े आधा दर्जन गांवों में देह व्यापार से जुड़ी कुप्रथा वर्षो से जारी है और अब ये धंधा हाईटेक होने लगा है। लगभग इन सभी गांवों के आसपास स्थित होटलों और ढाबों पर आए ज्यादातर ग्राहक अपने वाहन होटलों या ढाबों की पार्किग में खड़े करते है और डेरों में से निपटकर वापस ढाबों पर आ जाते है। कुछ होटलों और ढाबों पर शराब के साथ ही मादक पदार्थो की उपलब्धता भी होना बताई जाती है। ऐसी ही एक घटना गत दिवस सामने आई है, जिसमें परवलिया गांव में स्थित ठाकुर का ढाबा संचालक अपने ढाबे की पार्किग में वाहन खड़े करने का 100 रुपए घंटा वसूल करता है।
ग्राम पीतावली में रहने वाले संजय नामक युवक ने ढोढर पुलिस चौकी पर शिकायत दर्ज कराई है कि व अपने दोस्त सुबोध, नीलेश, संजय के साथ सांवरिया मंदिर में दर्शन कर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रात लगभग 10.30 बजे ये अपना चार पहिया वाहन ग्राम परवलिया स्थित ठाकुर का ढाबा पर की पार्किग में खड़ा करके भोजन करने पहुचे थे। यहां ढाबा संचालक ने बताया कि भोजन की राशि के अतिरिक्त वाहन पार्क करने के 100 रुपए अलग से लगेगे। जब संजय ने इसका कारण पूछा तो ढाबा संचालक संजय और इसके दोस्तों को गालिया देते हुए बोला कि हमारे ढाबे पर लोग खाना खाने नही आते है, बल्कि यहां गाड़ी खड़ी कर के डेरे में जाने आते है। जब संजय और इसके साथियों ने ढाबा संचालक को गालिया देने से मना किया तो संचालक ने अपने आधा दर्जन साथियों को बुलाकर इनके साथ लोहे के पाईपों से मारपीट शुरु कर दी। मारपीट में घायल लोगों को जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। ढोढर पुलिस चौकी पर ढाबा संचालक के खिलाफ शिकायत लेकर रिगंनोद पुलिस को भेजी जाकर कायमी कराई गई है।
