हाईकोर्ट का फरमान: आयुक्त लोक शिक्षण हाजिर हो
मृतक शिक्षा विभाग कर्मी के परिजनों को पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य लाभ देने के निर्देश की अवमानना का मामला

रतलाम।
शिक्षा विभाग नीमच में कार्यरत किशोरसिंह शक्तावत की मौत के बाद उनके नियमीतिकरण, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की लगातार अवमानना करने के बाद 1 फरवरी को हाईकोर्ट ने निर्देश दिए है कि याचिकाकर्ता को सभी लाभ तत्काल दिए जाए अन्यथा मध्यप्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित हो।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन आगामी दिनांक के पूर्व नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने का आदेश पारित किया गया है इस सबंध में एडवोकेट गौरव पांचाल ने बताया कि शिक्षा विभाग में पदस्थ स्व. किशोर सिंह शक्तावत का सेवा मे रहने के दौरान 25 अक्टूबर 2011 को देहान्त हो गया था। जिसके बाद उनकी पत्नी द्वारा द्वारा अपने स्व. पति के नियमितीकरण, पेंशन एवं अनुकम्पा नियुक्ति के लिए वर्ष 2012 में याचिका न. 10727/2012 हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की थी उक्त याचिका में 22 फरवरी 2023 को उच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित कर प्रत्यर्थीगण अर्थात् प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल, संचालक लोक शिक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी नीमच एवं प्राचार्य शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल मनासा जिला नीमच को आदेश दिया गया है 90 दिवस के भीतर याचिकाकर्ता के पति के मामले को भी प्रकाशचंद (सहकर्मचारी) के मामले से बराबर मानते एक उचित आदेश पारित करें और याचिकाकर्ता को सभी परिणामी लाभ अर्थात् (पेंशन एवं अनुकम्पा नियुक्ति) प्रदान करने के भी निर्देश दिये गये थे।
न्यायालय के आदेश दिनांक 22 फरवरी 2023 का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट द्वारा 19 जुलाई 2023 को रश्मी अरूण शमी प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल, अनुभा श्रीवास्तव आयुक्त लोक शिक्षण, सी.के. शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी नीमच एवं राकेश विजयवर्गीय प्राचार्य शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल मनासा जिला नीमच को हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का सूचना पत्र दिनांक जारी किया गया था जिसके बाद अगली सुनवाई 22 दिसम्बर 2023 को भी हाईकोर्ट द्वारा सकारात्मक रूप से आदेश की पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे, परन्तु उसके पश्चात भी स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा माननीय न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया जिससे बाद हाईकोर्ट द्वारा 01 फरवरी 2024 को आदेश पारित किया गया कि आगामी दिनांक के पूर्व हाईकोर्ट के आदेश पालन कर याचिकाकर्ता को सभी परिणामी लाभ प्रदान किये जाने अन्यथा मध्यप्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित रहे।
