अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया

रतलाम
अपहरण, दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं से जुड़े आरोपी ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा कर अपराध के समय खुद को नाबालिग साबित करने का प्रयास किया था। मामला न्यायालय में चला और अब माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के निर्देश पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और इस प्रमाण पत्र को बनवाने वाले लोगों के खिलाफ जावरा पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार धारा 363,366 (ए),376(2)(एन) 376 (फ) भादवि और 3(1)(12),3(2) (5) एससी एसटी एक्ट के आरोपी सोमेश्वर उर्फ सोमेश के द्वारा माननीय सर्वोच्य न्यायालय के समक्ष स्वयं का अपराध के समय नाबालिग होने का दावा किया था तथा साक्ष्य के बतौर पर वर्ष 2020 मे तैयार किये गये जन्म प्रमाण पत्र को प्रस्तुत किया था।
यह जन्म प्रमाण पत्र आरोपी सोमेश्वर उर्फ सोमेश के पिता शंकरलाल पिता लक्ष्मण के शपथ पत्र और गवाह भैरुलाल पिता चम्पालाल व बद्रीलाल पिता लक्ष्मण के शपथ पत्र के आधार पर कार्यालय रजिस्ट्रार जन्म मृत्यु नगर पालिका जावरा जिला द्वारा तैयार किया गया था।
आरोपित सोमेश्वर उर्फ सोमेश के द्वारा प्रस्तुत उक्त जन्म प्रमाण पत्र को माननीय न्यायालय रविन्द्र प्रतापसिंह चुण्डावत विशेष न्यायाधीश अ.जा./अ.ज.जा. (अत्या. निवा. ) अधिनियम जिला रतलाम के द्वारा जांच कर असत्य सिद्ध कर दिया है । जांच में पाया गया था कि सोमेश्वर उर्फ सोमेश पिता शंकरलाल जाति माली निवासी नया मालीपुरा जावरा , शंकरलाल पिता लक्ष्मण जाति माली निवासी नया मालीपुरा जावरा, भैरुलाल पिता चम्पालाल जाति माली निवासी नया मालीपुरा जावरा, बद्रीलाल पिता लक्ष्मण जाति माली निवासी नया मालीपुरा जावरा के द्वारा अनुचित लाभ के लिए कुटरचित दस्तावेज धोखाधडी कर के तैयार कर सर्वोच्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये थे।
इन सभी की यह करतूत अपराध धारा 420,467,468,471,193,34 भादवि का दण्डनीय अपराध पाया जाकर कायमी की गई है।
