टे्रन में डिप्टी सीटीआई के साथ मारपीट कर दांत तोड़ा,चलती टे्रन से फेकने का प्रयास

रतलाम
रेलवे में डिप्टी सी.टी.आई. के रुप में कार्यरत रेलकर्मी के साथ टे्रन में ड्यूटी के दौरान कुछ यात्रियों ने मारपीट कर इनका दांत तोड़ते हुए चलती टे्रन से बाहर फेकने की धमकी दी थी। इस मारपीट के दौरान अन्य टीटीईओं के साथ भी झूमा झटकी होना बताई जाती है। जीआरपी ने सीटीआई की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है।
मिली जानकारी की अनुसार न्यू रेलवे कालोनी में रहने वाले सीटीआई गरीब रथ एक्सप्रेस टे्रन में कोच नम्बर जी-17 से जी-29 तक ड्यूटी कर रहे थे। यह टे्रन रतलाम से बांद्रा तक चल रही थी। ड्यूटी के दौरान जब एक व्यक्ति अनावश्यक रुप से इधर उधर आवाजाही करते हुए सिटी (विसिल)बजा रहा था। जब डिप्टी सीटीआई ने उससे पूछा कि सिटी क्यू बजा रहे हो? दूसरे यात्रियों की यात्रा में खलल हो रहा है। इस पर वह व्यक्ति सीटीआई से बहस करने लगा। उसने कोच की लाईट बंद कर के सीटीआई के साथ मारपीट शुरु कर दी। इस दौरान एक महिला यात्रा ने बचाव किया तो मारपीट करने वाला बोला कि आप चुपचाप सो जाईए। इस मारपीट के दौरान सीटीआई के नाक, चेहरे, आँख से खून बहने लगा और इनके मुंह का एक दांत भी टूट गया।
इसी व्यक्ति ने रतलाम से टे्रन छूटने के दस मिनट बाद कोच नम्बर जी-12 मेे बैठे सीनियर टीटीआर्ई अमित गंगेस और अंकित मलिक के साथ भी विवाद किया था। जब इसे रोकने का प्रयास किया तो यह बोला कि हमारा पुरा गेंग है, चुपचाप अपना काम करो वरना चलती टे्रन से उठाकर फेंक दूगा।
टे्रन में सिटी बजाकर यात्रियों को परेशान करते हुए सीटीआई और टीटीआर्ई से विवाद करने वाले इसी व्यक्ति फोन करके अपने साथियों को भी बूला लिया और सीटीआई को उठा कर कोच नम्बर जी-12 में ले जाकर भी मारपीट की थी। इस दौरान इनसे ईएफटी बुक भी छिनक ली। टीटीआई के साथ मारपीट करने वाले खुद को वकील बता रहे थे।
उक्त शिकायत पर जीआरपी रतलाम ने धारा 352, 351 (3), 221, 189(2), 121 (1) और 304 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
