रतलाम में गढ़ा धन मिलने का बोलकर नकली जेवर बेचने वाला गिरोह धराया

रतलाम
शहर की माणकचौक थाना पुलिस ने हरियाणा और उत्तप्रदेश के एक ऐसे ठग गिरोह को हिरासत में लिया है, जो लोगों को गढ़ा धन मिलने की बात समझाकर नकली सोने और चांदी के आभूषण बेचने की ठगी करता आ रहा है। ये कार्रवाई एक बर्तन व्यापारी की शिकायत के बाद की जाना बताई गई है।
रतलाम में ठग गिरोह की सक्रियता की सत्यकथा 14 अक्टूबर को उस समय शुरु हुई जब शहर के पोरवाड़ों का वास में रहने वाले बर्तन व्यापारी की दुकान पर कुछ महिला एवं पुरुष गढ़ा धन मिलने और सोने चांदी के जेवर, सिक्के आदि कम दाम में बेचने के लिए आए थे। इस बर्तन व्यापारी ने भी लालच में एक आकर सोने का एक टुकड़ा एक हजार रुपए में ले लिया मगर जब इसकी जांच की तो वह नकली निकला था। इस व्यापारी ने अपने साथ हुई इस ठगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी।
भरावा की कुंई पर बर्तन की दुकान चलाने वाले व्यापारी के साथ हुई इस ठगी को लेकर पुलिस अपराधियों की खोजबीन कर ही रही थी कि पुलिस को सूचना मिली कि शहर के घास बाजार इलाके में आधा दर्जन महिला और पुरुष सोने और चांदी जेसे दिखने वाले कुछ जेवर गढ़ा धन मिलने के नाम पर बेचने का प्रयास कर रहे है। पुलिस ने इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस गिरोह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो इस ठग गिरोह की सच्चाई सामने आ गई।
ठगी के इस गिरोह से जुड़े लगभग आधा दर्जन बदमाश हिरासत में लिए गए है। जिनमें सागर पिता गणेश निवासी बल्लबगढ़ हरियाणा, गणेश राठोर निवासी बल्लबगढ़ हरियाणा, रामाबाई निवासी हरियाणा, सोनिया निवासी हरियाणा, डाँली निवासी हरियाणा और मानसिंह राय निवासी लखनऊ शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 11 किलों सोने चांदी जैसी धातु के दिखने वाले आभूषण आदि और नकदी रुपए बरामद किए है।
यह गिरोह शहर के अलग अलग इलाकों में घूम कर लोगों को गढ़ा धन मिलने की बात पर नकली जेवर बेचकर ठगी करता था।
