Product by Red Chilis

प्रसूता की मौत के मामले में डाँक्टर सहित तीन के खिलाफ प्रकरण दर्ज

 

रतलाम
पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम निपानिया निवासी प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने डाँक्टर सहित तीन स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का प्रकरण दर्ज किया है। निपानिया निवासी सुनिता की मौत गत फरवरी माह 2026 को उपचार में लापरवाही के कारण हुई थी।
मिली जानकारी के अनुसार मृतिका सुनिता पति राजेश चारण मोगिया को विगत 11 फरवरी को डिलेवरी का दर्द होने पर पिपलौदा के शासकीय अस्पताल में सुबह 6.30 बजे लाया गया था। जहां लगभग 9 बजे इसने एक बच्ची को जन्म दिया था। मृतिका के परिजनों ने मामले की जांच के दौरान बताया है कि सुनिता का प्रसूति प्रकरण पिपलौदा अस्पताल के डाँक्टर व नर्सो ने बिगाड़ा है। बच्ची को जन्म देने के बाद गर्भ नाल नही गिरने से जबरदस्ती जोर लगाया गया था। जिससे सुनिता की तबियत बिगड़ी थी इसे मेडिकल कालेज रेफर किया तो समय पर एम्बुलेंस नही पहुची और इलाज में हुई देरी के कारण सुनिता की मौत हुई है।
सुनिता की मौत के मामले में मेडिकल कालेज की डीन ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि नर्सिग स्टाँफ डिलेवरी के दौरान गर्भाशय के उलटने की स्थिति को समझ नही पाया था, वही इसका तुरंत मैनेजमेंट किया और ना ही किसी चिकित्सा अधिकारी को दिखाया था। इसी के साथ प्रसवोत्तर रक्तस्त्राव के दौरान रेफर किया गया। सुनिता को रतलाम के मेडिकल कालेज तक लाने में तीन घंटे का समय लगा जिससे अधिक समय होने के कारण मृतिका की हालत गंभीर हो गई थी। इसी के साथ बच्चेदानी को थैली में बांधकर रैफर किया जबकि इसे एसेप्टिक तकनीक से भेजा जाना था।
इसी मामले की जांच में विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी पिपलौदा ने भी बयान दर्ज कराए थे। एम्बुलेंस के लेट लतीफी को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 4 अगस्त को इस व्यवस्था से जुड़ी कंपनी को पत्र भेजा तो कंपनी ने जवाब दिया कि उस दिन पिपलौदा का एम्बुलेंस वाहन अन्य प्रकरणों में व्यस्त था। जब कंपनी को सूचना मिली तब वाहन 19 किमी दूर था। एम्बुलेंस पिपलौदा अस्पताल 10 बजकर 28 मिनट पर पहुची और सुनिता को 11 बजकर 22 मिनिट पर मेडिकल कालेज पहुचा दिया था। जबकि अस्पताल के डाँ. पन पाटीदार, नर्सिग आँफिसर मंजू राठोर व मंजू कुवर ने अपने बयान में बताया था कि एम्बुलेंस खराब थी।
इस मामले में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी ने उक्त मामले में डाँ.पवन पाटीदार, नर्स मंजू राठोर और मंजू कुंवर की लापरवाही का उल्लेख किया था। इधर सुनिता की मौत के मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों के पड़ताल और बयानों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपलौदा के डाँ.पवन पाटीदार, नर्स मंजू पिता औकारसिंह राठोर और मंजू कुंवर सिसौदिया (सांखला) पिता बलवंतसिंह की लापरवाही सामने आई है। इन तीनों के खिलाफ धारा 106 (1) का अपराध दर्ज किया गया है।

Related Articles

Back to top button